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पूरे भारत में लागू हो विज्ञान आधारित, धर्मनिरपेक्ष, एक सिलेबस, गुणवत्ता पूर्ण एजुकेशन जो सबके के लिए हो अनिवार्य और मुफ्त: AISF & AIYF

मांग भारत में बने भगत सिंह नैशनल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट

लुधियाना (सोनू अम्बेडकर) 10 सितम्बर – देश बचाओ, देश बदलो के नारे को पूरे भारत में गुंजाते हुए आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (ए.आई. एस. एफ.) और आल इंडिया यूथ फेडरेशन ( ए. आई. वाई. एफ.) का जोशीला लॉन्ग मार्च आज लुधियाना पहुंचा। कन्याकुमारी से शुरू हुए इस लॉन्ग मार्च ने 12 सितम्बर तक हुसैनीवाला पहुंचना है। इस लॉन्ग मार्च ने देश भर के विद्यार्थियों और नौजवानों के लिए “बनेगा” (BANEGA ) की मांग की है जिसका अर्थ है भगत सिंह नैशनल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट। इस लॉन्ग मार्च ने पूरे भारत में विज्ञान आधारित, धर्मनिरपेक्ष, एक सिलेबस, गुणवत्ता पूर्ण एजुकेशन जो सबके के लिए अनिवार्य और मुफ्त हो, साथ ही सभी के लिए रोजगार यकीनी हो; की लौ जगाने का प्रयास किया है ।
लुधियाना डॉ.अम्बेडकर चौक पहुँचने पर इस लॉन्ग मार्च का भव्य स्वागत किया गया। यहाँ पहुँचने पर लॉन्ग मार्च कर रहे दोनों फेडरेशन के लोगों ने डॉ. अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन और फूलमाला अर्पित की । यहाँ पहुँचने से पहले इन्होने शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव की प्रतिमाओं पर फूलमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी ।
इस मौके विभिन्न वक्ताओं ने भाजपा सरकार को आड़े हाथो लेते कहा कि प्रतिवर्ष 2 करोड़ लोगो को नौकरिया देने का वादा करने वाली मोदी सरकार ने अभी तक एक लाख पेंतीस हजार नौकरिया ही दी है जबकि इसके उल्ट नोटेबंदी के कारण 13 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है । उन्होंने यह भी कहा कि जब जब स्टूडेंट्स ने अपनी मांगे और सरकार को उसके वादे याद कराये तब तब उन पर लाठियां चलाई गयी उन्हें देशद्रोही तक कहा गया। वजीफों में कटौती करके गरीब विद्यार्थियों के साथ धक्का किया जा रहा है ।
बेहद मुश्किलों में जीवन यापन कर रहे लोगों की तरफ ध्यान न देकर लव जिहाद जैसे मुद्दों पर लोगो का ध्यान बदला जा रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय, दलितों और कबीलो पर अत्याचार किये जा रहे है जो निरंतर बढ़ रहे है। रोहित वेमुला की मौत भी इसी मानसिकता का ही परिणाम है । कनहैया कुमार को झूठे केसों में फ़साने की सभी साजिशे बेनकाब हो चुकी है 18 महीने बीत जाने पर भी उसके खिलाफ चार्ज शीट दर्ज नहीं कर पायी है ।
फेडरेशन के वक्ताओं ने प्रेस नोट जारी करते हुए आरोप लगाया कि बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान को बदलने की सूक्ष्म कोशिश की जा रही है जिसे सहन नहीं किया जायेगा। इस मौके पर का.करतार सिंह बुआई, डी.पी.मौड़, एस.एस.भाटिया, गुरनाम सिद्धू, डॉ.अरुण मित्रा, चरण सिंह सराभा, गुलजार गोरिया, रमेश रतन, विजय कुमार, गुरनाम गिल, केवल सिंह बनवैत, कुलदीप सिंह बिंदर, मंजीत सिंह बूटा, डॉ.गुलजार सिंह पंधेर, दीपक कुमार, सुल्ताना, कार्तिका आदि कई गणमान्यों ने समागम को सम्बोधित किया ।

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